वसंत की सर्द हवाओं से घिरी सुबह। बादलों और धुंध की ओट से निकलने का प्रयास करते सूर्य देव। पीली चुुुुनर ओढ़े धरा और उसका श्रंगार करते सत्संगी। हरे भरे खेत और कॉलोनियों में भव्य सजावट। हर तरफ छटा बिखेरता पीला रंग। सादगी भरे अंदाज में राधास्वामी...शुभ वसंत के साथ हर आगंतुक का अभिनंदन। वर्ष का सबसे खास पर्व दयालबाग में राधास्वामी मत के लोगों के बीच इसी अंदाज में मनाया जा रहा है। इस पर्व को मनाए जाने की तैयारियां बीते एक महीने से चल रही थीं। वसंत पंचमी के दिन देशभर से आए लोग वसंतोत्सव में शामिल हैं और भंडारे में शामिल होकर गुरु महाराज का प्रसाद पा रहे हैं।
यूं तो वसंत पंचमी का अपना ही महत्व है लेकिन यह पर्व राधास्वामी मत के लिए विशेष है। खेतों में सरसों के फूलों का श्रृंगार है। दयालबाग में वसंत पंचमी के अवसर पर हर जगह पीला रंग छाया हुआ है। पीले रंग के गुब्बारों और झालरों से सजाया गया है। महिलाएं पीला दुपट्टा और पीलेे ही रंग का सूट धारण किए हैं और पुरुष व बच्चे पीले रंग की टोपी पहने। वसंत की शुभकामनाएं देने का दौर चल रहा है। यहां की हर कॉलोनी को पीले रंग की झालरों और लाइटों से सजाया गया है। फल के रूप में आज केवल पीले रंग के बेर ही हर तरफ नजर आ रहे हैं।